Tripur Sundari Sadhna

Tripur Sundari Sadhna

त्रिपुर सुंदरी

महाविद्या समुदाय में त्रिपुरा नाम की अनेक देवियाँ हैं, जिनमें त्रिपुरा-भैरवी, त्रिपुरा और त्रिपुर सुंदरी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

देवी त्रिपुरसुंदरी ब्रह्मस्वरूपा हैं, भुवनेश्वरी विश्वमोहिनी हैं। वही परदेवता, महाविद्या, त्रिपुरसुंदरी, ललिताम्बा आदि अनेक नामों से स्मरण की जाती हैं।

Tripur Sundari Sadhna

त्रिपुर सुन्दरी जी का ध्यान रुप बहुत ही उज्जवल व प्रकाश मान है। कालिका पुराण के अनुसार देवी की दो भुजाएं हैं, यह गौर वर्ण की, रक्तिम कमल पर विराजित हैं।

 त्रिपुर सुंदरी की साधना से लाभ

  • इस साधना से साधक को इस दुनिया के सारे कार्य पूर्ण होते है ।
  • यह भोग (सेक्स व अन्य) और मोक्ष दोनो ही साथ-साथ प्रदान करती है। ऐसी इस दुनिया मे कोई साधना नही है जो भोग और मोक्ष एक साथ प्रदान करे।
  • इस साधना से साधक को राजसी सुख मिल सकते हैं और यश भी मिलता है।
  • इस साधना से साधक को माँ त्रिपुर सुंदरी और भगवन शिव दोनों की अशीम कृपा प्राप्त होती है, जिससे साधक का जीवन खुशियों भरा रहता है।
  • त्रिपुर सुन्दरी देवी की पूजा से समृद्धि की प्राप्त होती है।

 

त्रिपुर सुन्दरी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए यह साधना केवल श्रावण मास में ही करना लाभकारी माना गया है। नियमों के अनुसार यह साधना श्रावण मास आरंभ होने के पहले सोमवार से अगले सोमवार तक की जा सकती है। सर्वप्रथम माँ त्रिपुर सुन्दरी की मूर्ति या तस्वीर के सामने इस मंत्र को पढ़ना चाहिए।

 

त्रिपुर सुन्दरी साधना मंत्र – “ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः “

 

त्रिपुर सुन्दरी साधना करने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है या ऊपर दी गई ईमेल आईडी पर ईमेल कर सकते है।