Matangi Sadhna

matangi-sadhna

देवी मातंगी

देवी मातंगी दसमहाविद्या में नवीं महाविद्या हैं। यह वाणी और संगीत की अधिष्ठात्री देवी कही जाती हैं। यह स्तम्भन की देवी हैं तथा इनमें संपूर्ण ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश हैं।

राक्षसों का नाश व उनका वध करने हेतु माता मातंगी ने विशिष्ट तेजस्वी स्वरुप धारण किया देवी माता का यही रूप मातंगी रूप में अवतरित हुआ, मातंगी लाल रंग के वस्त्र धारण करती हैं, सिंह की सवारी करती है

मातंगी लाल पादुका, लाल माला, धारण करती है. हाथो में धनुषबाण , शंख , पाश, कतार, छत्र, त्रिशूल , अक्षमाला, शक्ति आदि अपने हाथो में धारण करती हैं.

ऐसा माना जाता हैं कि देवी की ही कृपा से वैवाहिक जीवन सुखमय होता हैं, देवी ग्रहस्त के समस्त कष्टों का निवारण करती हैं। देवी की उत्पत्ति शिव तथा पार्वती के प्रेम से हुई हैं।माँ मातंगी पुरुषार्थ चतुष्ट्य की प्रदात्री हैं।

matangi-sadhna

भगवती मातंगी अपने भक्तों को अभय का फल प्रदान करती हैं, यह अभीष्ट सिद्धि प्रदान करती हैं। देवी मातंगी को उच्छिष्टचांडालिनी या महापिशाचिनी भी कहा जाता है।

मातंगी के विभिन्न प्रकार के भेद हैं उच्छिष्टमातंगी, राजमांतगी, सुमुखी, वैश्यमातंगी,कर्णमातंगी, आदि यह देवी दक्षिण तथा पश्चिम की देवता हैं । ब्रह्मयामल के अनुसार मातंग मुनि की दीर्घकालीन तपस्या द्वारा देवी राजमातंगी रूप में प्रकट हुईं।

 

देवी मातंगी की साधना से लाभ

  • मातंगी माता की साधना से इनकी कृपा से स्त्रीयो का सहयोग सहज ही मिलने लगता है। चाहे वो स्त्री किसी भी वर्ग की स्त्री क्यो ना हो।
  • मातंगी माता की साधना शीघ्र विवाह, प्रेम में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
  • देवी मातंगी की कृपा से दाम्पत्य परिवार के जीवन में सुख तथा समृद्धि का संचार होता है। इनके नाम मात्र का स्मरण करने से घर में सुख शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।
  • माता की साधना से साधक सर्व-सिद्धियों का लाभ प्राप्त करता है, मातंगी की पूजा  व्यक्ति को सुखी जीवन का आशीर्वाद प्रदान करती है।

 

मातंगी माता  को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए यह साधना वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को करने से लाभकारी माना गया है। सर्वप्रथम इस  दिन प्रातः काल उठे, स्नान-ध्यान से निवृत होकर नया वस्त्र  धारण करे और मातंगी माता की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करे और माँ को  लाल पुष्प, लाल अक्षत तथा लाल फल अर्पित करे और माँ के सामने इस मंत्र कोए पढ़ना चाहिए ।

 

          मातंगी माता की साधना मंत्र – “ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:”

 

मातंगी माता साधना करने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है या ऊपर दी गई ईमेल आईडी पर ईमेल कर सकते है।