Kamakhya Vastra in Hindi

Kamakhya Vastra Puja Vidhi

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कामाख्या वस्त्र क्या होता है?

जैसा की आप सभी को पता है की माता कामाख्या का मंदिर असम में स्थित है और यह सभी शक्ति पीठों में अत्यधिक शक्तिशाली शक्ति पीठ माना जाता है।

इसी मंदिर में हर वर्ष जून के महीने में अम्बुबाची (अम्बुबासी) त्यौहार मनाया जाता है।

ऐसी मान्यता है की तीन दिनों के लिए माता कामाख्या रजस्वला होती हैं और इसी तीन दिनों तक मंदिर के दरवाजे बंद करके सारे भक्त मंदिर परिसर में इकठ्ठा होकर पूजा अर्चना और सिद्धि करते हैं ।

और माता की मूर्ति के ऊपर जो कपडा बिछाया जाता हैं जिसमे की रक्त लग जाता है उसे कामाख्या वस्त्र या कामाख्या अंग वस्त्र कहते हैं, और तीन दिन के बाद जब मंदिर के कपाट खुलते हैं तो इसी वस्त्र को प्रसाद के रूप में भक्तो को वितरित किया जाता है।

कामाख्या वस्त्र के क्या फायदे होते हैं?

यदि आप पवित्र कामाख्या वस्त्र का प्रयोग या पूजन करते हैं तो आपको निम्न फायदे प्राप्त होते हैं :

  • महिलाओ को यदि पीरियड्स की समस्या आ रही है तो इस वस्त्र की पूजन करने से लाभ प्राप्त होता है
  • निःसंतान की समस्या में इस वस्त्र का पूजन करने से लाभ प्राप्त होता है
  • महिलाओ के किसी भी अन्य समस्या के समाधान के लिए कामाख्या अंग वस्त्र पूजन बहुत ही लाभकारी होता है
  • शादी में आ रही हर प्रकार की समस्या का निवारण कामाख्या वस्त्र से किया जाता है
  • प्यार या सम्मोहन में इस वस्त्र का प्रयोग किया जाता है
  • यदि आप के रिलेशनशिप में कोई भी समस्या आ रही हैं तो इस वस्त्र का पूजन करने से समस्या का निवारण होता है
  • पति पत्नी या प्रेमी प्रेमिका के सम्बन्धो को मधुर बनाने के लिए भी कामाख्या वस्त्र लाभकारी होता है
  • धनप्राप्ति में आ रही समस्या का निवारण भी कामाख्या वस्त्र के प्रयोग से होता है
  • किसी भी प्रकार की भूत, प्रेत, काला जादू को काटने के लिए और दूर करने के लिए कामाख्या वस्त्र बहुत ही उपयोगी होता है
  • इत्यादि

Kamakhya Vastra in Hindi

कामाख्या वस्त्र प्रयोग और पूजन करने की विधि

यदि आप कामाख्या वस्त्र का पूजन और प्रयोग करना चाहते हैं तो निम्न विधि अपनायें:

  • कामाख्या वस्त्र का पूजन या प्रयोग सिर्फ सोमवार या शुक्रवार के दिन ही करें
  • सुबह स्नान करने के बाद अपने घर के मंदिर के सामने बैठ जायें सामने एक लाल कपडा बिछाकर उस पर कामाख्या वस्त्र को रखें
  • इस वस्त्र पर गंगाजल छिड़के फिर चन्दन पेस्ट का तिलक चारो कोनो पर करें
  • इसके बाद धूप या अगरबत्ती दिखाते हुए माता कामाख्या का दिया गया मंत्र 108 बार जाप करें
  • फिर इस वस्त्र को आप ताबीज़ में डाल कर गले में धारण करें या फिर बाईं भुजा पर बांध लें
  • इस वस्त्र को आप चौकोर तह कर के लाल चुन्नी में लपेट कर कलावा से बांध कर अपने मंदिर में स्थापित करके नित्य पूजा अर्चना कर सकते हैं
  • चुन्नी में लपेटे हुए वस्त्र को आप अपने किसी भी स्थान में, किसी खाली यन्त्र के फ्रेम में डाल कर टाँग भी सकते हैं
  • और भी अन्य तरीके से कामाख्या वस्त्र का प्रयोग और पूजन कर सकते हैं आपकी समस्या के अनुसार ।

कामाख्या अंगवस्त्र की पूजा करते समय जाप करने वाला मंत्र

“कामाख्याये वरदे देवी नीलपावर्ता वासिनी |

त्व देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते ||”

कामाख्या अंगवस्त्र को कैसे प्राप्त करें ?

  • यदि आप भारत में ही हैं तो आप इसको दो तरीको से प्राप्त कर सकते हैं, पहला इसकी कीमत हमारे अकाउंट में डलवा कर दूसरा लिंक द्वारा अपने एटीएम, नेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर के ।
  • और यदि आप भारत के बाहर से हैं तो आप इसकी कीमत वेस्टर्न यूनियन से ट्रांसफर करके प्राप्त कर सकते हैं, भारत से बाहर भेजने के लिए कूरियर चार्जेज भी लगेंगे ।

किसी भी जानकारी के लिए निचे दिए गए फॉर्म से अपनी डिटेल भेजे हम आपको संपर्क करेंगे ।

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