What is Gauri Shankar Rudraksha? Benefits and Uses

गौरी शंकर रुद्राक्ष

शास्त्रों में गौरी  शंकर रुद्राक्ष को माता पार्वती और भगवान शिव का प्रतीक माना गया है। प्राकृतिक रूप से जुड़े हुए दो रुद्राक्ष को गौरी शंकर रुद्राक्ष कहा जाता है। यह रुद्राक्ष भगवान शिव और माता पार्वती का एक रुप है। वैवाहिक जीवन में सुख और शांति के लिए गौरी शंकर रुद्राक्ष को सबसे अच्छा माना जाता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से सभी तरह के दांपत्य सुखों की प्राप्ति होती है।.

 गौरी शंकर रुद्राक्ष पति-पत्नी के रिश्ते को मज़बूत बनाता है और एकात्म का भाव जागृत करता है। यह रुद्राक्ष अंतर्दृष्टि को उत्पन्न करने में मददगार साबित होता है। गौरी शंकर रुद्राक्ष हमारी खुद की कमी को पहचानने और उन कमियों को दूर करने में सहायता करता है।

गौरी शंकर रुद्राक्ष

यह रुद्राक्ष बहुत दुर्लभ होता हैं और आसानी से प्राप्त नहीं होता हैं। इस रुद्राक्ष को घर, पूजा स्थान या तिजोरी में मंगल कामना सिद्धि के लिये रखना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है की इसके प्रयोग से परिवार में सुख-शांति की वृद्धि होती है और पारिवारिक माहौल शुद्ध बना रहता है।

गौरी शंकर रुद्राक्ष के लाभ

  • भगवान शिव और मां पार्वती एक सुखी वैवाहिक जीवन के प्रतीक हैं, इसीलिए जो भी मनुष्य गौरी शंकर रुद्राक्ष को धारण करता है उसको सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
  • यदि किसी के विवाह में विलंब या अडचने आ रही हो तो उन्‍हें गौरी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ पहुंचता है।
  • अगर किसी स्त्री को गर्भ सम्बंधित समस्या है तो उनके लिए यह रुद्राक्ष लाभकारी साबित होता है।
  • यदि आप आध्यात्मिकता की राह पर चलना चाहते है तो गौरी शंकर रूद्राक्ष को चांदी की चेन में धारण करने से लाभ होता हैं।

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