Ganesh Rudraksha

Certified Ganesh Rudraksha

गणेश रुद्राक्ष

गणेश रुद्राक्ष भगवान श्री गणेश जी का स्वरुप माना जाता है । इस रूद्राक्ष की आकृति भी गणेश जी के जैसी  होती है, इसलिए इस रुद्राक्ष पर सुंड के समान एक उभार भी होता है । यह रुद्राक्ष धारण करने से समस्त विघ्नों का नाश होता है तथा धन संपत्ति की प्राप्ति होती है।

गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से भगवान गणपति जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इनके सानिध्य को पाकर व्यक्ति अपनी सभी समस्याओं से मुक्त हो जाता है और सभी प्रकार के सुखों को भोगता हुआ अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है।

Certified Ganesh Rudraksha

गणेश रुद्राक्ष  के लाभ

  • गणेश रूद्राक्ष रूद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को जीवन के सभी क्षेत्रों में से सफलता प्राप्त होती है।
  • गणेश रूद्राक्ष रूद्राक्ष को धारण करने से भगवान गणेश का आशीर्वाद मिलता है, व्यक्ति के जीवन में सभी बाधाओं को भगवान गणेश के आशीर्वाद से निवारण हो जाता है।
  • भगवान गणेश भगवान शिव के पुत्र हैं इसलिए भगवान शिव का और देवी पार्वती (महा देवी) जी का भी आशिर्वाद प्राप्त होता है।
  • गणेश रूद्राक्ष रूद्राक्ष को धारण करने से केतु के हानिकर प्रभावों को भी भगवान का आशीर्वाद दूर कर देता है।
  • गणेश रुद्राक्ष स्मरण शक्ति व एकाग्रता बढ़ाता है, लेखन कौशल को बेहतर बनाता है,  भगवान गणेश बुद्धि के देवता है इसलिए यह रुद्राक्ष भी बुद्धि को बढ़ाता है, शिक्षा और बुद्धि के कारक ग्रह बुध को अनुकूल करता है।

गणेश रुद्राक्ष का मंत्र

‘ॐ गणेशाय नमः ‘,

रुद्राक्ष धारण करने की विधि 

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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