Business Success Puja in Hindi

Vyapaar Vriddhi Puja Benefits

कुबेर जी को धन के देवता माना जाता है। इनकी पूजा करने से पैसे संबंधित परेशानियां व व्यापार में संबंधित समस्यायें धीरे धीरे खत्म होने लगती है। व्यापार में में लगातार बढोतरी होती रहती है।

कुबेर जी का आशीर्वाद पाने के लिये जरुरी है कि व्यापार वृध्दि पुजा सही व नक्षत्र में की जायें। वैसे तो व्यापार वृध्दि के लिये कुबेर जी की पूजा नियमित रुप से करें। परन्तु धनतेरस के दिन पूरे विधि विधान के साथ व्यापार वृध्दि की पूजा करने से अति लाभ मिलती है। 

Vyapaar Vriddhi Puja Benefits

Vyapaar Vriddhi Puja Benefits

व्यापार वृध्दि पूजा – 04 नवंबर 2018 (दिन – रविवार)

व्यापार वृध्दि पूजा का शुभ मुहूर्त –

प्रदोष काल का मुहूर्त –

  1. व्यापार वृद्धि की पुजा का शुभ मुहूर्त – शाम 05 बजकर 59 मिनट से लेकर रात 07 बजकर 48 मिनट तक
  2. व्यापार वृध्दि पूजा के लिये कुल समय –1 घंटा 48 मिनट
  3. प्रदोष काल – प्रदोष काल शाम 05 बजकर 16 मिनट से लेकर 07 बजकर 48 मिनट तक है।
  4. वृषभ काल – वृषभ काल शाम 07 बजकर 16 मिनट से लेकर 07 बजकर 59 मिनट तक है।
  5. त्र्योदशी तिथि का आरांभ – 04 नवंबर 2018 को दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से
  6. त्र्योदशी तिथि का अंत – 05 नवंबर 2018 को दोपहर 12 बजकर 16 मिनट समाप्त

व्यापार वृध्दि पूजा के लिये आवश्यक पूजन सामाग्री –

  1. चावल
  2. रोली
  3. दक्षिणा (11, 21, 51, 101, 501, 2001)
  4. कलश (एक)
  5. नारियल (एक)
  6. एक लाल रंग की चुनरी
  7. चीनी ( कुबेर जी को अत्यंत पसंद है)
  8. कपूर (एक पैकेट)
  9. घी
  10. लौंग
  11. दीया
  12. बत्ती
  13. पूजा की थाली
  14. चन्दन
  15. इत्र
  16. सुपारी
  17. पान
  18. कलश
  19. फूल (3 से 4)
  20. फूलमाला (2)
  21. पान के पत्ते (5)
  22. कलावा (एक)
  23. हल्दी (थोडी सी तिलक के लिये
  24. भगवान कुबेर व माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा (कुबेर व लक्ष्मी जी बैठे हुये हो उस प्रतिमा, काफी भी खडे भगवान जी की प्रतिमा पुजा में शामिल नही करनी चाहिये। मान्यता है खडें लक्ष्मी व कुबेर जी की प्रतिमा रखने से उनकी लक्ष्मी घर में टिकती नही है। )

व्यापार वृद्धि की पूजा के लाभ –

  1. धनतेरश के दिन व्यापार वृध्दि की पूजा करने से अति लाभ होता है। व्यापार में धन लाभ की वृध्दि लगातार होती रहती है।
  2. कूबेर जी व माता लक्ष्मी जी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।