Tripur Bhairvi Sadhna

Bhairvi Sadhna

त्रिपुर भैरवी

त्रिपुर भैरवी साधना दस महाविद्याओ में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं तीव्र साधनात्मक स्वरुप है इस साधना से जीवन में प्रत्येक क्षेत्र  में सुरक्षा  प्राप्त होती है।

माँ त्रिपुर भैरवी तमोगुण एवं रजोगुण से परिपूर्ण हैं। माँ भैरवी के अन्य तेरह स्वरुप हैं। इनका हर रुप अपने आप अन्यतम है। माता के किसी भी स्वरुप की साधना साधक को सार्थक कर देती है।

Bhairvi Sadhna

 

माँ त्रिपुर भैरवी कंठ में मुंड माला धारण किये हुए हैं। माँ ने अपने हाथों में माला धारण कर रखी है। माँ स्वयं साधनामय हैं उन्होंने अभय और वर मुद्रा धारण कर रखी है जो भक्तों को सौभाग्य प्रदान करती है।

माँ  ने लाल वस्त्र धारण किया है, माँ के हाथ में विद्या तत्व है। माँ त्रिपुर भैरवी की पूजा में लाल रंग का उपयोग किया जाना लाभदायक है।

 त्रिपुर भैरवी की साधना से लाभ

  • इस साधना से साधक पूर्ण क्षमतावन एवं वेगवान बन जाता है।
  • इस साधना से साधक को समाज में यश , सम्मान , प्रतष्ठा एवं वर्चस्व प्राप्त होता है।
  • यह साधना सुन्दर पति या पत्नी की प्राप्ति के लिए, प्रेम विवाह, शीघ्र विवाह, प्रेम में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
  • इस साधना से साधक बुरी आत्माओ , भूत- प्रेत जैसे नकारात्मक ऊर्जा पे विजय प्राप्त कर लरता है, जिससे साधक अपना जीवन निडर हो कर जीता है।
  • यह साधना प्रेत आत्माओं के लिए काफी खतरनाक है। इस साधना से किसी भी बुरे तांत्रिक प्रभाव का समाप्ति हो जाती है।

 

त्रिपुर भैरवी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए यह साधना किसी भी शुक्ल पक्ष के तृत्य को करने से लाभकारी माना गया है। सर्वप्रथम स्नान करने के बाद पीला वस्त्र धारण करे और माँ त्रिपुर भैरवी की मूर्ति या तस्वीर के सामने इस मंत्र को पढ़ना चाहिए।

                                                   माँ त्रिपुर भैरवी मंत्र – “ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा:”

 

माँ त्रिपुर भैरवी साधना करने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते है या ऊपर दी गई ईमेल आईडी पर ईमेल कर सकते है।