8 Mukhi Rudraksha

आठ मुखी रुद्राक्ष

आठ मुखी रुद्राक्ष  भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता  है तथा आठ दिशाओं और आठ सिद्धियों का नेतृत्व करता है। इस रुद्राक्ष को पहनने से गंगा में नहाने जैसा पुण्य मिलता है। अष्ट मुखी रुद्राक्ष को विनायक अर्थात विध्नहर्ता माना जाता है। यह व्यापार में सफलता सट्टे, जुए तथा आकस्मिक धनप्राप्ति में सहायक होता है।  आठ मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह राहु है। मान्यता है कि पूरे विधि-विधान और पवित्र कर पहने गए इस रुद्राक्ष से भैरव बाबा प्रसन्न होते हैं।

आठ मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  •  आठ मुखी रुद्राक्ष ज्ञान, विद्या को प्रदान करने वाला होता है।
  •  आठ मुखी को धारण करने से द्वेष, ईर्ष्या जैसे भाव दूर होते हैं. मन में आस्था तथा सात्विक विचारों का प्रवाह होता है।
  •  आठ मुखी रुद्राक्ष को भैरव नाथ का रूप भी कहा जाता है. असाध्य रोगों से मुक्ति तथा मान सम्मान में वृद्धि होता है।
  •  आठ मुखी को धारण करने से पैर का दर्द, चर्मरोग, श्वास रोग इत्यादि में नियंत्रण करता है।
  •  जिन जातकों की कुंडली में राहु की दशा की वजह से परेशानियों हो रही हों उन्हें इसे धारण करने से सफलता और शांति मिलती है।

आठ मुखी रुद्राक्ष मंत्र

ॐ गणेशाय नमः , ॐ हूं नमः

रुद्राक्ष धारण करने की विधि

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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