7 Mukhi Rudraksha

सात मुखी रुद्राक्ष

सात मुखी रुद्राक्ष सात माताओं तथा सप्तऋषियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह अत्यंत उपयोगी तथा लाभप्रद रुद्राक्ष है इसके उपयोग से धन-संपत्ति, कीर्ति और विजय प्राप्त होती है। सात मुखी रूद्राक्ष महालक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। यह शनि द्वारा संचालित होता है और आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक विपत्तियों से ग्रस्त लोगों  के लिए यह लाभदायक है।

सात मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • जो लोग कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसे हों या जो जातक शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैया या शनि की महादशा से प्रभावित हैं उनके लिए यह रुद्राक्ष एक बेहद उपयोगी माना गया है।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए इस रुद्राक्ष की माला को धारण करना लाभकारी माना जाता है एवं काल सर्प रोग के बुरे प्रभावों से बचाव होता है।
  • शिवपुराण के अनुसार इस रुद्राक्ष को धारण करने से दरिद्र भी ऐश्वर्यशाली हो जाता है। इसे धारण करने से कार्य, व्यापार आदि में बढ़ोतरी होती है।
  • इसे धारण करने से देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन की कमी दूर होती है।
  • सात मुखी रूद्राक्ष को धारण करने से अनेक प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं.  यह गठिया दर्द, सर्दी, खांसी, पेट दर्द, हड्डी एवं मांसपेशियों में दर्द, जैसे रोगों पर नियंत्रण करता है।

सात मुखी रुद्राक्ष मंत्र

ॐ हूं नमः

रुद्राक्ष धारण करने की विधि 

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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