6 Mukhi Rudraksha

छह मुखी रुद्राक्ष

छह मुखी रुद्राक्ष भगवान कार्तिकेय का स्वरूप है तथा इसके संचालक ग्रह शुक्र है। छह मुखी रुद्राक्ष को पहनने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा व्यक्ति आंतरिक सुषुप्त शक्तियाँ जागृत होती हैं। इसे धारण करने से  क्रोध , लोभ, अंहकार जैसी भावनाओं पर नियंत्रण रहता है,  इससे स्मरण शक्ति तथा बुद्धि तीव्र होती है।

 छह मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • छह मुखी धारण करने से दांपत्य जीवन में प्रेम की कमी, तलाक से बचने, प्रेम विवाह में सफल होने, संगीत कला में माहिर होने आदि के लिए यह रुद्राक्ष बेहद अहम माना गया है।
  • छह मुखी धारण करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है, व्यवसाय  और नौकरी में उन्नति प्राप्त होती है एवं ऋद्धि सिद्धि प्राप्त होती है। 
  • छह मुखी धारण करने से व्यक्ति के भीतर आत्मशक्ति तथा ज्ञान शक्ति का संचार होता है।
  • षष्ठ मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से चर्मरोग, हृदय रोग तथा नेत्ररोग दूर होते हैं।

छह मुखी रुद्राक्ष का मंत्र

ॐ ह्रीम हूम नमः

रुद्राक्ष धारण करने की विधि 

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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