4 Mukhi Rudraksha

4 mukhi rudraksha

चार मुखी रुद्राक्ष

चार मुखी रूद्राक्ष को ब्रह्मा तथा देवी सरस्वती का प्रतिनिधि माना गया है। बुध इनके संचालक है, इस कारण यह चार मुखी रूदाक्ष शिक्षा के क्षेत्र में खूब सफलता देता है।.चार मुखी रुद्राक्ष बुध के हानिकारक प्रभाव को समाप्त करने और देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उत्तम है, इसे धारण करने से व्यक्ति विद्या का ज्ञान अर्जित करने की योग्यता प्राप्त करता है।

चार मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • यह छात्रों के लिए बहुत लाभदायक है, स्मरण शक्ति को बढ़ाता है तथा विद्या अध्ययन करने की शक्ति प्रदान करता है।
  • चार मुखी रुद्राक्ष ज्ञान और संतान प्राप्ति की चाह रखने वाले जातकों के लिए बेहद शुभ होता है।
  • यह बौद्धिक सुस्ती, संचार में कठिनाई और भी मन की विक्षिप्त विचारों को दूर करने में सहायक होता है।
  • इस रुद्राक्ष को धारण करने से मनोरोग, मस्तिक विकार, लकवा, त्वचा रोग, नासिका रोग, दमा रोगों को दूर करने में सहायक होता है।

4 mukhi rudraksha

 

चार मुखी रुद्राक्ष मंत्र

‘ॐ ह्रीम नमः’

रुद्राक्ष धारण करने की विधि और पूजा 

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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