12 Mukhi Rudraksha

बारह मुखी रुद्राक्ष

बारहमुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है।  इसके देवता बारह आदित्य अर्थात बारह  सूर्य हैं। सूर्य स्वरूप होने के कारण यह व्यक्ति को शक्तिशाली तथा तेजस्वी बनाता है। बारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से सूर्य का ओज एवं तेज प्राप्त होता है, और सूर्य के शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

बारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • बारहमुखी रुद्राक्ष सभी प्रकार की दुर्घटनाओं से बचाता है. इस रुद्राक्ष द्वारा दु:ख, निराशा , कुंठा , पीड़ा और दुर्भाग्य का नाश होता है. व्यक्ति सूर्य की भांति यशस्वी बनता है।
  • बारह मुखी रुद्राक्ष दरिद्रता को नष्ट करके सुख एवं संपत्ति प्रदान करता है।
  • यदि किसी व्यक्ति का सूर्य कमजोर होता है या जन्म कुंडली में सूर्य से जुड़ी हुईं समस्यायें मौजूद हो तो उस व्यक्ति को बारह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
  • संतान सुख, शिक्षा, धन, ऐश्वर्य, ख्याति आदि सभी भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए बारहमुखी रुद्राक्ष को बेहद कल्याणकारी माना जाता है।
  • बारहमुखी रुद्राक्ष को धारण करने सेसभी प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का नाश होता है।

बारह मुखी रुद्राक्ष मंत्र

श्री सूर्याय नमः’ 

रुद्राक्ष धारण करने की विधि 

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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