11 Mukhi Rudraksha

11 Mukhi Rudraksha

एकादश मुखी रुद्राक्ष

एकादश मुखी रुद्राक्ष साक्षात शिव का रूद्र के सामान माना जाता है। इसे धारण करने से सभी कार्यो में सिद्धि प्राप्ति होती है। एकादश मुखी रुद्राक्ष आध्यात्मिक प्रभाव से युक्त माना गया है. इसे ग्यारह रुद्रों एवं भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार हनुमान जी का प्रतीक भी कहते हैं।इस रुद्राक्ष पर इन्द्र का स्वामित्व है,  अत: इसे धारण करने से प्रसन्नता,  ऎश्वर्य एवं यश की प्राप्ति होती है।

11 Mukhi Rudraksha

11 Mukhi Rudraksha

एकादश मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • इस रुद्राक्ष के धारण करने वाले जातक को हनुमान जी की कृपा हासिल होती है।
  • एकादश मुखी रुद्राक्ष एक सौ सहस्त्र गायों के सम्यक दान के बराबर फल प्रदान करने वाला है।
  • एकादश मुखी रुद्राक्ष का उपयोग एवं पूजन से एकादशी व्रत के समान फल प्राप्त होता है तथा अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है।
  • एकादश मुखी रुद्राक्ष का उपयोग अस्थमा एवं सांस से संबंधित बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है तथा मस्तिष्क सम्बन्धी विकारों को दूर करता है।

एकादश मुखी रुद्राक्ष मंत्र

ॐ श्री रुद्राय नमः, 
ॐ ह्रीम हूम नमः,

रुद्राक्ष धारण करने की विधि

सर्वप्रथम रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष, जो भी आप धारण करना चाहते हैं, उसें शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन धारण करें।

रुद्राक्ष को गंगाजल, दूध से स्नान कराएं तथा “ॐ नमः शिवाय” इस पंचाक्षर मंत्र का जाप करते रहें. शुद्ध करके इस चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प अर्पित करें तथा धूप, दीप  दिखाकर पूजन करके अभिमंत्रित करे।.

रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श कराकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके मंत्र जाप करते हुए इसे धारण करें।

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